रोड़ बिरादरी मात्र जाति नहीं बल्कि एक संस्कृति है l संस्कृति हमे दुसरो के लिए जीना सिखाती है l दुसरो की पीड़ा और अनुभव से हमे रूबरू करवाती है l गुरु ब्रह्मानन्द जी का उधारण हमारे सामने साक्षात् है कि किस प्रकार निज को छोड़ कर विश्व के साथ जुड़ा जा सकता है l यह WEBSITE इस प्रश्न का खोजा गया उतर है कि बिरादरी विकास की कोन सी राह पकड़े ? अपनी बिरादरी के प्रति कृतज्ञता कैसे दिखाए l इसी विचार को लेकर 1986 में बिरादरी के महानुभावो ने ‘रोड़ एम्प्लाइज एसोसिएशन’ का गठन किया और तय किया कि बिरादरी के होनहार एवं मेधावी विधार्थियों को धन के आभाव में शिक्षा से वंचित नहीं रहने दिया जायेगा l इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए मेधावी और योग्य विधार्थियों को प्रति वर्ष स्कॉलरशिप देने का कार्य किया l बच्चों को कैरियर काउंसलिंग का कार्य भी चलाया गया l रोड़ बिरादरी के विचारवान लोगो ने बिरादरी का विकाश कर व बच्चों को सही रास्ता दिखाकर एक जिम्मेवार नागरिक की भूमिका पर चलकर राष्ट्र विकास का एक नया पथ खोजा है l
इस WEBSITE के माध्यम से बिरादरी के लोग संगठित हो कर तेजी से विकास की राह पकड़ेगे l इन्ही का संकल्प इन पंक्तियों मे जाहिर है :-
“तुझ पर मिट जाए तो गम नही l
पर तुझे बुलन्दियों पर न पहुँचाया तो , हम-हम नही l”
प्रेरणा स्रोत पूजनीय गुरु ब्रह्मानन्द जी के चरणों मे इस WEBSITE का आदरपूर्वक समर्पण